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‘बंदिनी’ फेम शार्दुल पंडित ने आर्थिक तंगी और डिप्रेशन से परेशान होकर छोड़ी एक्टिंग, फैंस से की ऐसी अपील

टीवी एक्टर शार्दुल कुणाल पंडित (Shardool Kunal Pandit) आर्थिक तंगी और सेविंग्स खत्म होने की वजह से मुंबई छोड़ इंदौर लौटे 

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कोरोना महामारी के चलते लागू किए गए लॉकडाउन की वजह से कई टीवी सितारों को आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पिछले दिनों कुछ सितारों ने काम के आभाव और आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्या कर ली थी। जिनमें मनमीत ग्रेवाल और प्रेक्षा मेहता जैसे कलाकार शामिल थे।

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वहीं अब  ‘बंदिनी’, ‘कुलदीपक’ और ‘सिद्धि विनायक’ जैसे कई शो में एक्टिंग कर चुके टीवी एक्टर शार्दुल कुणाल पंडित (Shardool Kunal Pandit) भी आर्थिक तंगी और डिप्रेशन की बीमारी से जूझ रहे हैं। जिसके कारण उन्होंने मुंबई और एक्टिंग को छोड़ने का फैसला लिया है। इसके अलावा शार्दुल ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में लोगों से काम की भी गुहार लगाई है। 

शार्दुल ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया को दिए इंटरव्यू में कहा कि, ‘आर्थिक तंगी और सारी सेविंग्स खत्म होने की वजह से उन्हें मुंबई छोड़कर वापस अपने घर इंदौर लौटना पड़ा। वहीं करियर को लेकर शार्दुल ने बताया कि, ‘मुझे लॉकडाउन से पहले एक वेबसीरीज ऑफर की गई थी। लेकिन मुझे पता नहीं वहां हो क्या रहा है।  
उन्होंने आगे बताया कि, ‘मैं पहले से ही आर्थिक समस्या से जूझ रहा था। मैं जाना नहीं चाहता था। पर मेरे पास कोई ऑप्शन नहीं बचा था। मुझे घर के किराये के अलावा दूसरे खर्च भी होते हैं। अगर मुझे कल भी प्रोजेक्ट मिल जाता है तो इंडस्ट्री के नियमानुसार उसका पेमेंट मुझे तीन महीने बाद मिलेगा। यह टीवी कलाकारों के लिए मुश्किल समय है। पर आपके खर्च कम नहीं होते।  

 

एक्टर ने यह भी बताया कि, ‘मैंने 2012 में यूएई में एक्टिंग के लिए नौकरी छोड़ दी थी। जिसके बाद मैं वापस आया और मुझे शो ‘कुलदीपक’ मिल गया। मैंने बॉक्स क्रिकेट लीग भी होस्ट किया था। लेकिन शो बंद पड़ गया और मेरा पेमेंट भी फंस गया। मेरी कुछ प्रोजेक्ट्स के लिए बातचीत चल रही थी, जोकि कभी बने ही नहीं। 

 

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 डिप्रेशन को लेकर शार्दुल ने कहा कि, ‘बार -बार मिल रही असफलता और रिजेक्शन के बाद मैं डिप्रेशन का शिकार हो गया। मैंने नवंबर में एक डॉक्टर से बातचीत की और मैंने खुदको करण पटेल और अंकिता भार्गव जैसे दोस्तों के बीच रखा, जो मेरे साथ खड़े रहे। हालांकि, मैं अब तक डिप्रेशन से बाहर नहीं निकल पाया हूं। मैं  अभी मदद मांग रहा हूं। मुझे लगता है कि परिवार के साथ मैं जल्द डिप्रेशन से रिकवर कर पाउँगा।

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