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छपाक मूवी रिव्यू: दर्द, हिम्मत, उम्मीद और सबक़ से भरपूर फिल्म

एसिड अटैक जैसे गंभीर अपराध पर आधारित मेघना गुलज़ार (meghna gulzar) की फिल्म आखिरकार रिलीज़ हो रही है। फिल्म एसिड अटैक पीड़िता लक्ष्मी अगरवाल की ज़िंदगी पर आधारित है। फिल्म मे दीपिका पादुकोण (deepika padukone)

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  • सिनेमा – छपाक
  • सिनेमा प्रकार – क्राइम ड्रामा
  • अदाकार – दीपिका पादुकोण, विक्रांत मेस्सी
  • निर्देशक – मेघना गुलज़ार
  • अवधि – 2 घंटे 3 मिनट

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प्रस्तावना

एसिड अटैक जैसे गंभीर अपराध पर आधारित मेघना गुलज़ार (meghna gulzar) की फिल्म आखिरकार रिलीज़ हो रही है। फिल्म एसिड अटैक पीड़िता लक्ष्मी अगरवाल की ज़िंदगी पर आधारित है। फिल्म मे दीपिका पादुकोण (deepika padukone) जैसी अदाकारा हैं। इस कारण फिल्म से दर्शकों को बहुत उम्मीदें हैं। आइये जानते हैं ये फिल्म आपकी उम्मीदों पर खरी उतर पाएगी या नहीं।

कहानी

बारहवीं कक्षा की छात्रा मालती (दीपिका पादुकोण) पर एसिड अटैक होता है। पत्रकार से समाज सेवक बने अमोल (विक्रांत मेस्सी) के सहारे मालती इंसाफ की लड़ाई लड़ती है। इस लड़ाई मे उसे पारिवारिक, आर्थिक, सामाजिक, न्यायिक चुनौतियों का कड़ा सामना करना पड़ता है। मालती पर एसिड अटैक क्यों होता है? इसके पीछे किसका हाथ होता है? मालती किन किन चुनौतियों का सामना करती है? क्या मालती को इंसाफ मिलता है? इन सवालों के जवाब जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।

अदाकारी

दीपिका पादुकोण और विक्रांत मेस्सी फिल्म मे मुख्य भूमिका मे हैं। दीपिका ने अपनी इमेज से हटकर बेहद गंभीर किरदार निभाया है। एसिड अटैक पीड़िता का दर्द उन्होने बखूबी बयां किया है। उनके इस किरदार को हमेशा याद किया जाएगा। संजीदा समाज सेवक की भूमिका मे विक्रांत मेस्सी जचते हैं। अपने किरदार को उन्होने गंभीरता से निभाया है और उसके साथ न्याय किया है। बाकी कलाकारों ने भी अपनी भूमिका को ढंग से निभाया है।

निर्देशन और छायांकन

कई शानदार फिल्में बना चुकीं मेघना गुलज़ार ने छपाक से अपनी परंपरा आगे बढ़ाई है। हालात को जस को तस पेश करने मे मेघना गुलज़ार कामयाब हुई हैं। मलय प्रकाश का छायांकन ठीक है।

संगीत

फिल्म संगीत शंकर एहसान लॉय ने दिया है। शीर्षक गीत अच्छा है। बैकग्राउंड स्कोर ठीक है है।

खास बातें

  1. मुद्दा बहुत गंभीर और आवश्यक है।
  2. संदेश सीधे दिल मे उतरता है।
  3. दीपिका पादुकोण की अदाकारी।
  4. निर्देशन और स्क्रीनप्ले काबिले तारीफ।

कमजोर कड़ियाँ

  1. मसाला फिल्मों के शौकिनों के लिए कुछ भी नहीं।
  2. फिल्म धीमी है।
  3. संवाद और बेहतर हो सकते थे।
  4. संगीत मे बेहतरी की गुंजाइश नज़र आती है।

देखें या ना देखें

यह फिल्म आपके लिए प्रेरणादायक होगी। आप इसे ज़रूर देखें।

रेटिंग: 3.5/5

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