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कमांडो 3 मूवी रिव्यू: एक्शन दमदार पर कहानी कमज़ोर

विद्युत जामवाल (Vidyut Jammwal) की कामयाब फिल्म कमांडो की तीसरी कड़ी कमांडो 3 को लेकर फैंस उत्साहित हैं। फिल्म का ट्रेलर दर्शकों को आकर्षित करने मे सफ़ल रहा।

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  • सिनेमा – कमांडो 3
  • सिनेमा – एक्शन थ्रिलर
  • अदाकार – विद्युत जामवाल, अदा शर्मा, अंगिरा धर
  • निर्देशक – आदित्य दत्त
  • अवधि – 2 घंटे 13 मिनट

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प्रस्तावना

विद्युत जामवाल (Vidyut Jammwal) की कामयाब फिल्म कमांडो की तीसरी कड़ी कमांडो 3 को लेकर फैंस उत्साहित हैं। फिल्म का ट्रेलर दर्शकों को आकर्षित करने मे सफ़ल रहा। आइये जानते हैं फिल्म भी आपको प्रभावित कर पाएगी या नहीं।

कहानी

मुंबई पुलिस को पता चलता है दिवाली के मौके पर आतंकी देश मे आतंक फैलाने की साज़िश रच चुके हैं। आतंकियों और उनके नापाक मंसूबों तक जल्द से जल्द पहुंचने के लिए अंडर कवर एजंट करण सिंह डोगरा (विद्युत जामवाल) को ये मिशन दिया जाता है। करण की टीम मे इंस्पेक्टर भावना रेड्डी (अदा शर्मा) भी शामिल होती है। आतंकी की तलाश मे करण और भावना लंदन पहुंचते हैं। जहां इनके साथ लंदन पुलिस के दो अधिकारी मलिका सूद (अंगिरा धर) और अरमान अख़्तर (सुमीत ठाकुर) जुड़ जाते हैं।

बिना किसी सुराग के इस मिशन को पूरा करना ये करण के लिए चुनौतियों से भरा जोखिम वाला काम होता है। क्या करण चुनौतियों और जोखिमों का सामना कर पाता है ? क्या करण आतंकी के तक पहुंचकर देश पर होने वाला ये हमला रोक पाता है? इन सवालों के जवाब जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।

अदाकारी

विद्युत जामावाल का एक्शन बेजोड़ है। हालांकि उनके एक्स्प्रेशन और बेहतर होने की गुंजाइश नज़र आती है। अदा शर्मा टूटी फूटी हिंदी बोलते हुए जचती हैं। हालांकि एक दो संवादों को छोड़ दें, तो वो अधिक प्रभावित नहीं कर पाई हैं। अंगिरा धर ने इस फिल्म से बॉलीवुड मे डेब्यू किया है। कुछ दृश्यों मे वो प्रभावी लगी हैं। सबसे ज़्यादा यदि किसी ने प्रभावित किया तो वो हैं गुलशन देवैया।

निर्देशन और छायांकन

आशिक बनाया आपने और टेबल नंबर 21 जैसी फिल्में निर्देशित कर चुके आदित्य दत्त ने फिल्म को निर्देशित किया है। इनके निर्देशन को देख मुझे राम गोपाल वर्मा की फिल्मों की याद आई। फिल्म की पृष्ठभूमि के अनुसार आदित्य ने अच्छा काम किया है। हालांकि कई जगह वो और बेहतर हो सकते थे। मार्क हैमिल्टन का छायांकन शानदार है। एक्शन दृश्यों को उन्होने बहुत अच्छे से फिल्माया है।

संगीत

फिल्म का संगीत मन्नान शाह और विक्रम मोंटोर्स ने दिया है, जो और बेहतर हो सकता था। बैकग्राउंड स्कोर सौरभ भालेराव ने दिया है, जो ठीक है।

खास बातें

  1. विद्युत जामवाल का एक्शन शानदार है।
  2. देशभक्ति की भावना जगाती है।
  3. आख़िर तक बांधे रखती है।

कमज़ोर कड़ियां

  1. कहानी मे नई बात नहीं।
  2. पहला हिस्सा धीमा है।
  3. डायलॉग, एडिटिंग और बेहतर हो सकते थे।
  4. दूसरे हिस्से मे फिल्म प्रेडिक्टेबल हो जाती है।

देखें या ना देखें

ऊपर बताई गई बातों को समझकर आप इस फिल्म को एक बार देख सकते हैं।

रेटिंग – 2.5/ 5

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