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मृत्यु से पहले ये थे इरफान खान के आख़िरी शब्द, बोले- “अम्मा मुझे ले जाने…”

बॉलीवुड के बेहतरीन अदाकार इरफान खान (irrfan khan ) पिछले दो सालों से जानलेवा बीमारी से जूझ रहे थे। हालांकि हर दम इरफान खान ने मौत का डटकर सामना किया और उसे हरा भी दिया।

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बॉलीवुड के बेहतरीन अदाकार इरफान खान (irrfan khan ) पिछले दो सालों से जानलेवा बीमारी से जूझ रहे थे। हालांकि हर दम इरफान खान ने मौत का डटकर सामना किया और उसे हरा भी दिया। लेकिन 3 दिन पहले इरफान की मां क जयपुर मे निधन हो गया था। लॉकडाउन के कारण इरफान अपनी मां के अंतिम संस्कार मे शामिल नहीं हो पाए थे। 3 दिन बाद अपनी मां के पास खुद इरफान भी चले गए।

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जब इरफान खान मृत्यु के करीब जा रहे थे तब भी वो शायद अपनी माँ को देख रहे थे। यही वजह है कि उनके अंतिम शब्दों मे वही थीं। बॉम्बे टाइम्स के अनुसार इरफान के आखिर शब्द, “अम्मा मुझे ले जाने के लिए आई है” ये थे।

बता दें, इरफान को दो साल पहले अपनी बीमारी का पता चला था। उन्होंने खुद अपने फैंस को इस बीमारी की खबर दी थी।  54 वर्षीय इरफान का लंदन में इलाज भी चल रहा था अपनी बीमारी को लेकर इरफान काफी भावुक भी थे। उन्होने कहा था, ” जिंदगी में अचानक कुछ ऐसा हो जाता है जो आपको आगे लेकर जाता है। मेरी जिंदगी के पिछले कुछ दिन ऐसे ही रहे हैं। मुझे न्यूरो इंडोक्राइन ट्यूमर नामक बीमारी हुई है। लेकिन मेरे आसपास मौजूद लोगों के प्यार और ताकत ने मुझमें उम्मीद जगाई है। इसके इलाज के लिए मैं विदेश जा रहा हू।. मेरी सभी से प्रार्थना है कि वे मेरे लिए दुआएं करते रहें। मेरी बीमारी को लेकर न्यूरो की जो अफवाह फैलाई जा रही हैं, इसके लिए बता दूं कि न्यूरो हमेशा ब्रेन के लिए नहीं होता। जिन लोगों ने मेरे बयान का इंतजार किया, मुझे उम्मीद है कि मैं फिर से और स्टोरी लेकर वापस आऊंगा।”

[यह भी पढ़ें:अभिनेता इरफ़ान खान को वर्सोवा कब्रिस्तान मे दफनाया गया, देखें वीडियो]

बता दें, इसी बीमारी के इलाज के चलते इरफान लंबे समय तक बॉलीवुड से दूर रहे। हालांकि बीमारी को मात देकर वापस लौटने मे वो कामयाब हुए। पिछले साल सितंबर 2019 में वो अपने देश वापस लौट आए. वापस लौटकर इरफान ने अपनी फिल्म हिंदी मीडियम के सिक्वल अंग्रेज़ी मीडियम की शूटिंग शुरू की थी।

बीती अस्पताल मे भर्ती करने के बाद आज सुबह इरफान खान की मौत की खबर सामने आई। दोपहर 3 बजे उन पर अंतिम संस्कार किए गए। उन्हें वर्सोवा के कब्रस्तान मे दफनाया गया।

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