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लाल कप्तान मूवी रिव्यू: अदाकारी, संवाद प्रभावशाली लेकिन रफ़्तार सुस्त

लाल कप्तान (Laal Kaptaan) अपने नाम, विषय और सैफ़ अली खान (Saif Ali Khan) के हटके लुक के कारण चर्चा मे बनी हुई है। ट्रेलर मे सुनाई दिये संवाद ने भी दर्शकों पर छाप छोड़ी थी। आइये देखते हैं फिल्म भी आपको प्रभावित करती है या नहीं।

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  • सिनेमा – लाल कप्तान
  • सिनेमा प्रकार – एपीक एक्शन ड्रामा
  • अदाकार – सैफ़ अली खान, मानव वीज, दीपिका डोबरियाल, ज़ोया हुसैन, सिमोन सिंह
  • निर्देशक – नवदीप सिंह
  • अवधि – 2 घंटे 35 मिनट

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प्रस्तावना

लाल कप्तान (Laal Kaptaan) अपने नाम, विषय और सैफ़ अली खान (Saif Ali Khan) के हटके लुक के कारण चर्चा मे बनी हुई है। ट्रेलर मे सुनाई दिये संवाद ने भी दर्शकों पर छाप छोड़ी थी। आइये देखते हैं फिल्म भी आपको प्रभावित करती है या नहीं।

कहानी

लाल कप्तान की कहानी 1764 में हुई बक्सर की लड़ाई के 25 साल बाद की यानी 18वीं सदी मे ले जाती है। हर जहां कोई वर्चस्व स्थापित करना चाहता है। ख़ूब ख़ून खराबा जारी है। इन्हीं के बीच एक नागा साधु गोसाई (सैफ अली खान) भी होता है, जिसे एक मौकापरस्त, धोखेबाज़ (मानव वीज) की तलाश होती है। गोसाई रहमत से बदला लेना चाहता है। इनके अलावा लाला कप्तान मे एक खबरी (दीपक डोबरियाल) भी है। इसके अलावा एक रहस्यमयी महिला (जोया हुसैन) भी है। इनके इर्द-गिर्द कहानी घूमती है। गोसाई रहमत से किस बात का बदला लेना चाहता है? क्या वो इसमे कामयाब हो पाता है ? इन सवालों के जवाब जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।

अदाकारी

सैफ़ अली खान ने बतौर नागा साधु अपने करियर का यादगार किरदार निभाया है। उनकी संवाद की अदाएगी तो काबिले तारीफ है। मानव वीज, दीपक डोबरियाल और ज़ोया हुसैन समेत दूसरे कलाकारों ने भी प्रभावित किया है।

निर्देशन और छायांकन

नवदीप सिंह ने फिल्म का निर्देशन किया है। यह एक बड़ी ज़िम्मेदारी थी। नवदीप ने कुछ बातों को बेतरीन बनाया है, पर कुछ मे उन्होने औसत प्रदर्शन किया है। शंकर रमन के छायांकन का भी ऐसा ही कुछ हाल है।

संगीत

समीरा कोप्पिकर ने संगीत दिया है। काल-काल, तांडव, लहू का रंग कारा जैसे गाने लुभाते हैं। बैकग्राउंड स्कोर भी ठीक है।

खास बातें

  • सैफ़ अली खान की अदाकारी।
  • संवाद बेहतरीन हैं।
  • 18 वीं सदी का दौर लुभाता है।

कमजोर कड़ियां

  • 1 फिल्म बहुत सुस्त रफ्तार से आगे बढ़ती है।
  • 2 करीब 30 मिनट और छोटी हो सकती थी।
  • 3 पूरे परिवार के साथ नहीं देख सकते।

 

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ठीक ठाक

लाल कप्तान रिव्यू

सैफ़ अली खान के फैंस इस फिल्म को ज़रूर देखें। बाकी लोग ऊपर दी बातों को समझकर ख़ुद निर्णय लें।

  • Design 5

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