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मंदिर के बाहर पैदा हुई थीं ‘रामायण’ की मंथरा, एक्‍ट‍िंग की लंबी पारी के बाद ऐसे हुई थी दर्दनाक मौत

बच्‍चों से लेकर बूढ़ों तक 'रामायण' (Ramayan) की मंथरा के नाम से मशहूर एक्‍ट्रेस ललिता पवार (Lalita Pawar) 104वीं जन्‍म जयंती है। जानें उनसे जुड़ी दिलचस्‍प बातें..

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बच्‍चों से लेकर बूढ़ों तक ‘रामायण’ की मंथरा के नाम से मशहूर एक्‍ट्रेस ललिता पवार (Lalita Pawar) 104वीं जन्‍म जयंती है। 18 अप्रैल 1916 को नासिक, महाराष्ट्र के येओला में जन्मी ललिता सबसे लंबी एक्टिंग पारी खेलने के लिए जानी जाती हैं, जो एक रिकॉर्ड है।

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उनकी 104वीं जन्‍म जयंती पर जानें उनसे जुड़ी दिलचस्‍प बातें..

1 मंदिर के बाहर हुआ जन्‍म

मंदिर के बाहर हुआ जन्‍म

ललिता पवार का जन्‍म 18 अप्रैल 1916 को नासिक, महाराष्ट्र के येओला में लक्ष्मणराव सगुन के घर हुआ था, जो नासिक में अमीर बिजनेसमैन थे। जब ललिता की मां प्रेग्नेंट थीं तब अंबा देवी के मंदिर गई हुई थीं। तभी उनको अचानक प्रसव पीड़ा हुई और मंदिर के बाहर जन्म होने के कारण उनका नाम अंबिका रख दिया गया।

2 महज 9 साल में की फिल्‍मी करियर शुरूवात

महज 9 साल में की फिल्‍मी करियर शुरूवात

दिग्‍गज एक्‍ट्रेस ललिता पवार ने 9 वर्ष की उम्र में साल 1928 में रिलीज हुई फिल्‍म ‘राजा हरीशचंद्र’ से ही अपने एक्टिंग कॅरिअर की शुरुआत कर दी थी। हालांकि उनकी पहली फिल्म 1927 में आई ‘पतितोद्धार’ भी मानी जाती है। बाद में उन्होंने 1940 के दशक में कई साइलेंट फिल्मों में लीड रोल भी प्ले किया।

3 अंबिका से ऐसे बनी ललिता पवार

अंबिका से ऐसे बनी ललिता पवार

दिग्‍गज अभिनेत्री ललिता पवार कई फिल्मों में उनके नाम बदल-बदल कर रखे गए। फिर अपने बैनर तले बनी पहली फिल्म ‘दुनिया क्या है’ में उन्होंने अपना नाम ललिता रख लिया। क्योंकि उन्हें ऐसा लगता था कि अंबिका नाम फिल्म के लिए सही नहीं रहेगा और यह लोगों की जुबान पर नहीं चढ़ेगा।

4 बेहतरीन गायिका भी थीं ललिता

बेहतरीन गायिका भी थीं ललिता

सिनेमा के शुरूवाती दौर में अभिनेत्र‍ियों को अपने गाने खुद गाने पड़ते थे इसलिए ललिता ने बाकायदा शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ली थी। बुलंद आवाज की धनी होने के कारण उन्होंने कई फिल्मों में गाने गाए। 1935 में आई फिल्म ‘हिम्मते मर्दा’ ललिता की पहली बोलती फिल्म थी। इसी फिल्म में उन्होंने गीत भी गाया, ‘नील आभा में प्यारा गुलाब रहे, मेरे दिल में प्यारा गुलाब रहे…’ जो काफी लोकप्रिय हुआ था।

5 एक थप्‍पड़ ने बदल दी जिंदगी

एक थप्‍पड़ ने बदल दी जिंदगी

ललिता मात्र 25 वर्ष की उम्र में कैरेक्टर रोल निभाने लगी थी। उसी दौरान उनके साथ एक दुखदपूर्ण घटना भी हुई थी, जिसने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया था। दरअसल, एक सीन में अभिनेमा द्वारा उन्‍हें थप्‍पड़ मारा जाना था। ऐसे में उन्‍हें थप्पड़ मारा गया और वह नीचे गिर गईं। इतना ही नहीं वह सच में बेहोश हो गई थीं और उनके कान से खून निकलने लगा था। दूसरे दिन उन्‍हें पैरालिसिस हो गया और दाहिनी आंख सिकुड़ गई। इसके बाद मैं मुंबई वापस आ गई।

6 लंबे करियर के लिए गिनीज बुक में दर्ज हुआ नाम

लंबे करियर के लिए गिनीज बुक में दर्ज हुआ नाम

भारतीय सिनेमा में सबसे लंबी पारी खेलने वाली महिला एक्टर के रूप में ललिता पवार का नाम गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की साइट पर दर्ज रिकॉर्ड की मानें तो हिंदी सिनेमा में उनकी सक्रियता सात दशक तक रही। इस दौरान उन्होंने 700 से ज्यादा पिक्चर में काम किया है।

7 कुछ इस तरह हुई थी अचानक मौत

कुछ इस तरह हुई थी अचानक मौत

अभिनेत्री ललिता पवार ने निर्माता-निर्देशक राजप्रकाश गुप्ता से शादी की। अपनी जिंदगी के आखिरी दिनों में ललिता पवार घर में अकेली थीं। उनकी मौत के बारे में परिवारवालों को तीन दिन बाद पता चला जब बेटे ने उनके पास फोन किया और किसी ने नहीं उठाया। घर का दरवाजा तोड़ने पर पुलिस को ललिता पवार की तीन दिन पुरानी लाश मिली थी। ललिता ने 24 फरवरी 1998 को पुणे में अंतिम सांस ली थी।

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