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मर्दानी 2 रिव्यू: रोमांच रोंगटे खड़े कर देता है, संदेश दिल छू लेता है

रानी मुखर्जी (Rani Mukerji) की साल 2014 में आई फिल्म 'मर्दानी' (Mardaani) का सीक्वल ‘मर्दानी 2’ (Mardaani 2) रिलीज़ हो गया है।

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सिनेमा – मर्दानी 2

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सिनेमा प्रकार – क्राइम थ्रिलर

अदाकार – रानी मुखर्जी, विशाल जेठवा

निर्देशक – गोपी पुथरन

अवधि- 1 घंटा 46 मिनट

प्रस्तावना

रानी मुखर्जी (Rani Mukerji) की साल 2014 में आई फिल्म ‘मर्दानी’ (Mardaani) का सीक्वल ‘मर्दानी 2’ (Mardaani 2) रिलीज़ हो गया है। मर्दानी की कामयाबी के बाद एक बार फिर रानी धुरंदर पुलिस अधिकारी बनकर हाजिर हैं। क्या इस बार भी रानी वही जादू बरक़रार रख पाएंगी? आइये जानते हैं।

कहानी

राजस्थान के कोटा शहर मे बलात्कार और हत्या की बेहद सनसनीखेज घटना घटती है। हत्यारा सनी (विशाल जेठवा) लड़की को बेरहमी से पीट पीटकर मार देता है। इस बलात्कारी को सलाखों के पीछे पहुंचाने की ज़िम्मेदारी एसपी शिवानी राय (रानी मुखर्जी) को मिलती है। शिवानी हत्यारे को ललकारती है कि वो उसका कॉलर पकड़कर घसीटते हुए पुलिस स्टेशन ले आएंगी। ये सुनकर सनकी सनी का इगो हर्ट हो जाता है। फिर शुरू होता है शिवानी और सनीं का चोर-पुलिस का खेल। सनी ऐसी-ऐसी हरकतें करता है कि शिवानी समेत पूरे पुलिस महकमे का दिमाग हिल जाता है। शिवानी को किन किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है? क्या शिवानी सनी तक पहुँच पाती है? इन सवालों के जवाब जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

अदाकारी

रानी मुखर्जी ने एक बार फिर ज़बरदस्त वापसी की है। मर्दानी का जलवा बरक़रार रखने मे रानी कामयाब हुई हैं। कई मुश्किल दृश्यों मे रानी की प्रतिभा और निखर कर आती है। विशाल जेठवा पर पूरी कहानी निर्भर है। उन्होने अपनी भूमिका के साथ पूरा न्याय किया है। उनकी जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है। बाकी कलाकारों ने भी ठीक अदाकारी की है।

निर्देशन और छायांकन

गोपी पुथरन ने फिल्म को असलियत के करीब रखने का पूरा प्रयास किया है। इसमे वो कामयाब हुए हैं। लगता नहीं की कहीं भी रानी की वजह से फिल्म मे उन्हें किसी तरह का कोई समझौता करना पड़ा हो। जिष्णु भट्टचार्जी का छायांकन लाजवाब है।

संगीत

फिल्म मे कोई गाना नहीं है। जो कहानी के अनुसार बहुत सही है। बैकग्राउंड स्कोर ठीक है।

खास बातें

1 संदेश बहुत शानदार।

2 रानी मुखर्जी और विशाल जेठवा की अदाकारी।

3 रोमांच अंत तक बरक़रार रहता है।

4 बेवजह गानों का प्रयोग नहीं किया गया।

5 परिवार संग देख सकते हैं।

कमजोर कड़िया

1 ऐसी कहानी पर कई फिल्में बन चुकी हैं।

2 रानी मुखर्जी के संवाद और प्रभावशाली हो सकते थे।

3 बैकग्राउंड स्कोर और बेहतर हो सकता था।

देखें या ना देखें

यह फिल्म बेहद रोमांचक है, मनोरंजन के साथ ये आपको संदेश भी देती है। आप इसे अपने परिवार संग देख सकते हैं।

रेटिंग – 3.5/5

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