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राणा दग्गुबाती ने ‘हाथी मेरे साथी’ में ऐसे संभाली हाथी की 200 किलों की सूंढ़

दक्षिण के सुपरस्टार राणा दग्गुबाती (Rana Daggubati) इस समय अपनी अगली फिल्म 'हाथी मेरे साथी' की रिलीज के लिए तैयार हैं

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दक्षिण के सुपरस्टार राणा दग्गुबाती (Rana Daggubati) इस समय अपनी अगली फिल्म ‘हाथी मेरे साथी’ की रिलीज के लिए तैयार हैं, जिसमें उन्हें एक ऐसे व्यक्ति की भूमिका  निभायी है जिसने जंगल में रहकर, अपने जीवन का अधिकांश हिस्सा जानवरों को बचाने के उद्देश्य में समर्पित किया है। एरोस इंटरनेशनल द्वारा निर्मित, इस फिल्म का टाइटल हिंदी में ‘हाथी मेरे साथी ’, तेलगु में ‘कादन’ और तमिल में ‘अरन्या’ है। इस बहुभाषी फिल्म की शूटिंग दो अलग-अलग देशों में हुई है। जिनमें केरला के वनस्थल, मुंबई के महाबलेश्वर और थाईलैंड जैसी जगहें शामिल हैं।

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फिल्म में अपने किरदार के लिए, राणा ने अपने लुक में बड़े पैमाने पर बदलाव तो किया ही साथ ही साथ उन्हें कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा। इस तरह के एक विशिष्ट किरदार की शूटिंग के अपने अनुभव को शेयर करते हुए, अभिनेता ने खुलासा किया कि कैसे उन्होंने हाथी के साथ एक खास बांड विकसित किया और उसका विश्वास जीता जिसके बाद उसने अपना ट्रंक राणा के कन्धों पर रख दिया जोकि लगभग दो सौ किलो था।

अभिनेता के लिए यह प्रक्रिया आसान नहीं थी क्योंकि उन्हें एक विशालकाय हाथी के सामने खड़ा होना पड़ता था जिसके लिए उन्हें बहुत ही शारीरिक और मानसिक प्रयासों की आवश्यकता होती थी। दग्गुबाती ने बताया, “फिल्म में एक ऐसा सीक्वेंस है जहां एक हाथी ने मुझ पर अपनी सूंड रख दी। स्क्रीन पर देखने में ये बहुत ही आसान लगता है लेकिन उस सूंढ़ का वजन लगभग 200 किलो का था। भावनात्मक रूप से, हाथी मेरे साथी की शूटिंग का अनुभव मेरे लिए बहुत शानदार रहा है। ज्ञात हो कि हाथी मेरे साथी के लिए राणा ने रोज़ 30 हाथियों के साथ शूट किया था।

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बता दें, हाथी मेरे साथी, तमिल में कदान और तेलुगु में अरण्या इन तीनों को ही एरोस इंटरनेशल प्रोड्यूस कर रहा है। यह फिल्म 2 अप्रैल 2020 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हो रही है। हाथी मेरे साथी की कहानी असम के काज़ीरंगा में हाथी गलियारों को घेरने वाले मनुष्यों की दुर्भाग्यपूर्ण कहानी से प्रेरित हैं। राणा दग्गुबाती द्वारा निभाया गया किरदार एक ऐसे व्यक्ति की कहानी बयां करता है जिसने अपने जीवन का अधिकांश समय जंगल में व्यतीत किया है और जिसने जानवरों को बचाने का एकमात्र लक्ष्य बनाया है।  लेकिन इन सबके लिए उसे काफी संघर्ष करना पड़ता हैं।

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