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शुभ मंगल ज़्यादा सावधान मूवी रिव्यू: समलैंगिकता को बढ़ावा देती है ये फिल्म

शुभ मंगल ज़्यादा सावधान (shubh mangal zyada saavdhan ) अपने विषय को लेकर सुर्खियों मे बनी हुई है। ये पहली ऐसी फिल्म है जो गे रिलेशनशिप को इतने बड़े पैमाने पर दिखा रही है।

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  • सिनेमा   – शुभ मंगल ज़्यादा सावधान
  • सिनेमा प्रकार – कॉमेडी ड्रामा
  • अदाकार – आयुष्मान खुराना, जितेंद्र कुमार, नीना गुप्ता, गजराज राव
  • निर्देशक – हितेश केवल्य
  • अवधि – 1 घंटा 59 मिनट

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प्रस्तावना

शुभ मंगल ज़्यादा सावधान (shubh mangal zyada saavdhan ) अपने विषय को लेकर सुर्खियों मे बनी हुई है। ये पहली ऐसी फिल्म है जो गे रिलेशनशिप को इतने बड़े पैमाने पर दिखा रही है। किंतु, क्या ये फिल्म आपका मनोरंजन कर पाएगी? आइये जानते हैं।

कहानी

कार्तिक सिंह (आयुष्मान खुराना) (ayushmann Khurrana) अमन त्रिपाठी (जितेंद्र कुमार) (jitendra kumar) से प्यार करता है। दोनों जमाने से भागते भागते थक जाते हैं। एक दिन दोनों फैसला करते हैं कि दुनिया के सामने वो अपने प्यार का इज़हार करके रहेंगे। इसी बीच अमन के पिता शंकर त्रिपाठी (गजराज राव) को कार्तिक और अमन की प्रेम कहानी पता चल जाती है। फिर शुरू हो जाता है त्रिपाठी परिवार और कार्तिक के बीच घमासान। क्या कार्तिक और अमन एक हो पाते हैं ? क्या त्रिपाठी परिवार कार्तिक और अमन के प्यार को कुबूल कर पाता है? इन सवालों के जवाब जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

अदाकारी

आयुष्मान खुराना पहली बार गे के किरदार मे नज़र आए हैं। उन्होने पूरा प्रयास किया है कि वो गे लगें। कुछ जगह छोड़ दें तो अपने प्रयास मे वो कामयाब होते भी नज़र आते हैं। जितेंद्र कुमार को देखकर लगता है हम टीवीएफ देख रहे हैं। उन्होने अच्छी अदाकारी कि है। नीना गुप्ता और गजराज राव ने सबसे अच्छी अदाकारी की है। इनकी जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है। बाकी अदाकारों ने भी अच्छी अदाकारी की है।

निर्देशन

हितेश केवल्य ने फिल्म को मनोरंजन बनाने की पूरी कोशिश की है। हालांकि इस विषय को और गंभीरता से रखने की आवश्यकता नज़र आती है।

संगीत

फिल्म का संगीत अच्छा है। गाने और बैकग्राउंड स्कोर लुभाता है।

खास बातें

  1. विषय नया है।
  2. नीना गुप्ता और गजराज राव की जोड़ी शानदार है।
  3. संगीत लुभाता है।
  4. फिल्म ज़्यादा बड़ी नहीं है।

कमज़ोर कड़ियाँ

  1. जो समलैंगिक नहीं हैं उन्हें शायद पसंद नहीं आएगी।
  2. फिल्म हद से ज़्यादा तेज़ है।
  3. बनावटी लगती है।
  4. पूरे परिवार के साथ नहीं देख पाएंगे।

देखें या ना देखें

यदि आप समलैंगिक हैं तो इस फिल्म को ज़रूर देखें। यदि नहीं तो ऊपर दी गई बातों के अनुसार खुद निर्णय लें।

रेटिंग – 2.5/5

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