Advertisement

थप्पड़ मूवी रिव्यू : महिलाओं संग होने वाली घरेलू हिंसा पर जोरदार तमाचा है ये फिल्म

तापसी पन्नू (Tapsee Pannu) की थप्पड़(Thappad) ट्रेलर रिलीज़ होने के बाद से ही सुर्ख़ियों में है। इस फिल्म का उद्देश्य महिलाओं को घरेलू हिंसा से लड़ने के लिए प्रेरित करना है। फिल्म देखने से पहले पढ़िए फिल्म का रिव्यू।

1,802

फिल्म: थप्पड़
कास्ट: तापसी पन्नू, पावेल गुलाटी, कुमुद मिश्रा, रत्ना पाठक शाह, तन्वी आज़मी
निर्देशक: अनुभव सिन्हा

Advertisement

प्रस्तावना

तापसी पन्नू (Tapsee Pannu) की थप्पड़(Thappad) ट्रेलर रिलीज़ होने के बाद से ही सुर्ख़ियों में है। इस फिल्म का उद्देश्य महिलाओं को घरेलू हिंसा से लड़ने के लिए प्रेरित करना है। फिल्म समाज को संदेश देने के लिए और महिलाओं को अपने आत्मसम्मान के लिए जीने का संदेश देती है। तो चलिए नज़र डालते हैं फिल्म की कहानी पर।

कहानी

अमृता (तापसी पन्नू) पति विक्रम (पावेल गुलाटी) के साथ खुशहाल शादीशुदा जिंदगी बिताती है। विक्रम अपने काम के प्रति काफी पैशनेबल है। कॉर्पोरेट जगत में वह काफी सफल बिज़नेसमैन मैन के रूप में गिना जाता है। अमृता एक होममेकर है। वह अपनी शादी शुदा जिंदगी से बहुत खुश है। वह अपने पति को बहुत सम्मान देती है। वह अपने पति से भी यही उम्मीद करती है। पर उसकी उम्म्मीद तब पूरी तरह बिखर जाती है जब विक्रम पार्टी में सबके सामने उसे थप्पड़ मार देता है।

इस थप्पड़ ने अमृता के सारे सपनो को चूर कर दिया। इस दौरान उसे वह सब कुछ याद आने लगता है जिसे वह अब तक इग्नोर करती आयी है। इसके बाद वह अपने आत्मसम्मान की खोज में लग जाती है। वह पति से तलाक लेना चाहती है। पर इस दौरान उसे समाज के बनाये गए उन दकियानूसी नियमो का सामना करना पड़ता है, जहां घरेलु हिंसा पर महिलाओ को समझौता करने के लिए कहा जाता है। तो अम्रतिए को पति से तलाक मिलेगा या नहीं? क्या एक बार फिर उसे अपना खोया हुआ आत्मसम्मान मिल पायेगा? ये सब पाने के लिए अमृता किस तरह से सामाजिक परेशानियों से गुज़रती है? ये सब जानने के लिए आपको सिनेमाघर की तरफ रुख करना पड़ेगा।

अदाकारी

फिल्म में तापसी पन्नू की बेजोड़ अदाकारी आपको झकझोर कर रख देगी। सीन के साथ उनके डायलॉग की टाइमिंग भी एकदम परफेक्ट है। पावेल गुलाटी, कुमुद मिश्रा, रत्ना पाठक शाह, तन्वी आज़मी ने भी अपने अपने अभिनय के साथ न्याय किया है।

निर्देशन

अनुभव सिन्हा ने फिल्म की हर एक बारीकियों को बहुत उम्दा तरीके से दिखाया है। समाज को आइना दिखाने में उनकी मेहनत यह फिल्म सफल साबित करती है।

रेटिंग – 4/5

 

Advertisement