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वर्धन पुरी ने पहली फिल्म के लिए मेन्टल हॉस्पिटल और सेंट्रल जेल में बिताया वक़्त

बॉलीवुड मे डेब्यू करने जा रहे अभिनेता वर्धन पूरी (Vardhan Puri) अपने किरदार में पूरी तरह डूब जानें के लिए अतिरिक्त मेहनत करने वाले अभिनेताओं की फेहरिस्त मे शामिल हो गए हैं।

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बॉलीवुड मे डेब्यू करने जा रहे अभिनेता वर्धन पूरी (Vardhan Puri) अपने किरदार में पूरी तरह डूब जानें के लिए अतिरिक्त मेहनत करने वाले अभिनेताओं की फेहरिस्त मे शामिल हो गए हैं। न्यूकमर वर्धन पुरी भी अपने किरदार में जान डालने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे है।  स्वर्गीय अमरीश पुरी के पोते,  वर्धन पांच साल की उम्र में थिएटर से अपनी अभिनय यात्रा शुरू करने के बाद, वर्धन को अपनी पहली फिल्म में इस तरह के लेयर्ड, जटिल और चुनौतीपूर्ण किरदार निभाने का सौभाग्य मिला।

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वर्धन के अनुसार फिल्म में साहिल मेहरा के किरदार को निभाना इतना आसान नहीं था यह एक चुनौती भरा काम था। वर्धन किरदार की चुनौतियों के बारे में बताते है कि  “यह भावनात्मक रूप से साहिल मेहरा की भूमिका निभाना मेरी ज़िंदगी के सबसे कठिन और संतोषजनक चरणों में से एक है। यह एक ही समय में पांच अलग-अलग पात्रों को दर्शाता है। चूँकि यह किरदार बहुत स्तरित और सूक्ष्म है, इसलिए इसमें बहुत सारी भावनाएँ शामिल हैं। साहिल का किरदार बहुत जल्दी प्रतिक्रिया करता है और एक अतिवादी है। ”

अपनी पहली फिल्म के लिए, वर्धन ने एक मानसिक अस्पताल और केंद्रीय जेल का दौरा किया, ताकि अपने किरदार को अच्छे से निभा सकें। “हम आगरा के एक अस्पताल में गए जहां वे मानसिक रूप से बीमार रोगियों का इलाज करते हैं वहां हमने डॉक्टरों के साथ बातचीत करने में बहुत सा समय व्यतीत किया।

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वर्धन ने आगे कहा “मैं वास्तव में कुछ काम्प्लेक्स(जटिल) दिमाग वाले लोगों से मिला हूं और इससे वास्तव में प्रभावित हुआ हूं। यदि यह पर्याप्त नहीं था, तो उसी दिन हमने सेंट्रल जेल का दौरा करने का फैसला किया और हाई सिक्योरिटी वॉल्ट में गए, जहां भारत के इतिहास के कुछ सबसे खतरनाक अपराधी रहते हैं। हमने उनके साथ बातचीत करते हुए समय बिताया और अपराध करने के उनके कारण को समझा। हम एक अपराधी से मिले, जिसने 180 हत्याएं की थीं, एक आदमी जिसने अपनी पत्नी और बच्चों को मार डाला था, और फिर एक और आदमी था जिसने 200 ग्रामीणों की सोते वक़्त हत्या कर दी, क्योंकि वह न्याय नहीं मिलने से निराश था और दूसरे लोग उसका मजाक उड़ाते थे। जब मैंने महसूस किया कि मानव का दिमाग दुनिया की सबसे खतरनाक चीज है और वास्तव में एक ट्विस्टेड माइंड जो ग़लतफ़हमी से भरा होता है वह हड़बड़ाहट में कई गलत फैसले लेता है और अपराध को अंजाम देता है।”

वर्धन ने आखरी में कहा “अगर ईमानदारी से बताऊ तो मैं अभी भी अपने किरदार से बाहर नहीं आ पाया हूँ । मैंने लगभग 90 नाटक और लगभग 2500 परफॉरमेंस दी हैं, लेकिन मैं कभी भी अपने दिलों-दिमाग से किसी भी चरित्र को हटा नहीं पाया।”

जब से ‘ये साली आशिकी’ का ट्रेलर लॉन्च हुआ है, तब से वर्धन को अपनी परफॉरमेंस के लिए सम्मानित फिल्म निर्माताओं, प्रोड्यूसर और अभिनेताओं, विशेषकर मेगास्टार अमिताभ बच्चन से उनके प्रदर्शन के लिए प्रशंसा मिल रही है, जिन्होंने इस फिल्म के हार्ड-हिटिंग ट्रेलर के बारे में ट्वीट किया था।

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