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ये साली आशिक़ी मूवी रिव्यू: प्यार मे धोखा खाए आशिक का रोमांचक प्रतिशोध

स्वर्गीय दिग्गज अभिनेता अमरीश पूरी (amrish puri) के पोते वर्धन पूरी (vardhan puri) की डेब्यू फिल्म ये साली आशिक़ी (Yeh Saali Aashiqui) रिलीज़ होने जा रही है।

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  • सिनेमा – ये साली आशिक़ी
  • सिनेमा प्रकार – थ्रिलर
  • अदाकार – वर्धन पूरी, शिवालिका ओबेरॉय, रुसलान मुमताज़
  • निर्देशक – चिराग रूपारेल
  • अवधि – 2 घंटे 16 मिनट

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प्रस्तावना

स्वर्गीय दिग्गज अभिनेता अमरीश पुरी (amrish puri) के पोते वर्धन पुरी (vardhan puri) की डेब्यू फिल्म ये साली आशिक़ी (Yeh Saali Aashiqui) रिलीज़ होने जा रही है। वर्धन के प्रति दर्शकों को उत्साह तो है ही, लेकिन लोगों ने ट्रेलर भी काफ़ी पसंद किया था। आइये जानते हैं फिल्म आपका मनोरंजन कर पाएगी या नहीं।

कहानी

होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहे भोले-भाले और शरीफ़ क़िस्म के साहिल मेहरा (वर्धन पूरी) को अपनी क्लासमेट मिती (शिवालिका ओबेरॉय) से पहली नज़र मे प्यार हो जाता है। मिती भी उसके करीब होने लगती है। लेकिन पहली डेट से पहले ही वर्धन को पता चलता है कि मिती उसे धोखा दे रही है। हालांकि मिती फिर एक बार वर्धन को विश्वास दिलाती है कि वो उसी से प्यार करती है। पर ये विश्वास भी ज़्यादा दिनों तक नहीं रह पाता।

एक वक़्त ऐसा भी आता है जब मिती वर्धन को कॉलेज से बाहर कर पागलखाने पहुंचा देती है। मिती आखिर ऐसा क़दम क्यों उठाती है? क्या साहिल पागलखाने से छुट पाता है? क्या साहिल और मिती का फिर आमना-सामना होता है? क्या साहिल प्रतिशोध ले पाता है? इन सवालों के जवाब जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

अदाकारी

वर्धन पूरी रंगमंच के कलाकार हैं और उनकी अदाकारी मे ये साफ़ झलकता है। उन्होने काफ़ी मेहनत की है वो नज़र आता है। पहली फिल्म मे वर्धन ने अच्छा काम किया है। हालांकि मुझे उनके और बेहतर होने की उम्मीद है। शिवालिका ओबेरॉय भी इस फिल्म से बॉलीवुड मे क़दम रख रही हैं। पहली फिल्म के अनुसार उन्होने भी अच्छी अदाकारी की है। हालांकि उन्हें और अधिक मेहनत की आवश्यकता है। रुसलान मुमताज़ के पास करने के लिए कुछ नहीं था, हालांकि वो स्क्रीन पर अच्छे लगते हैं। बाकी कलाकारों ने अपनी भूमिका संग न्याय करने का प्रयास किया है।

निर्देशन और छायांकन

चिराग रूपारेल का निर्देशन शानदार है। कम बजट मे उन्होने अच्छा प्रयास किया है।  प्रतीक शाह का छायांकन और बेहतर हो सकता था।

संगीत

हितेश मोदक ने संगीत दिया है। हवा बनके गाना लुभाता है। बैकग्राउंड स्कोर ठीक है हालांकि ये और बेहतर हो सकता था।

खास बातें

  1. रोमांच से भरपूर।
  2. आख़िर तक बांधे रखती है।
  3. अंत बेहद दिलचस्प।
  4. परिवार संग देख सकते हैं।

कमजोर कड़ियां

  1. कहानी प्रेडिक्टेबल है।
  2. और रहस्यमयी हो सकती थी।
  3. कई सारी बातें साबित नहीं हो पाती हैं।
  4. छायांकन, संगीत और एडिटिंग और बेहतर हो सकते थे।

देखें या ना देखें

वर्धन पूरी की पहली फिल्म दिलचस्प और रोमांचक है। कमज़ोर कड़ियां बजट के कारण हो सकती हैं। इस फिल्म को आप ज़रूर देखें।

रेटिंग 3/5

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